कालजयी रचनाकार

रघुवीर सहाय : भारतीय साहित्य में अद्वितीय और ओजस्वी नाम ( कालजयी रचनाकार)

" राष्ट्रगीत में भला कौन वह भारत-भाग्य-विधाता है, फटा सुथन्ना पहने जिसका गुन हर…

शांति का अंतिम प्रस्ताव और महाविनाश की चेतावनी: 'रश्मिरथी' के आलोक में— साहित्यिक आलेख

वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये…

'हो गई है पीर पर्वत-सी': एक ग़ज़ल, जो जन-आंदोलन का मंतव्य बनी (दुष्यंत कुमार)

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। आज यह दीवार,…

(सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है!)कालजयी कविता 'जनतंत्र का जन्म': एक ऐतिहासिक उद्घोष

सदियों की ठंडी-बुझी राख में बुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है। दो राह, स…

पंडित माखनलाल चतुर्वेदी — 'एक भारतीय आत्मा' और राष्ट्र-चेतना के अमर शलाका पुरुष (कालजयी रचनाकार)

हिंदी साहित्य में जब भी देशप्रेम, आत्मोत्सर्ग और राष्ट्र के प्रति सर्वस्व न्योछावर क…

भारतेंदु हरिश्चंद्र — आधुनिक हिंदी के निर्माता और जन-चेतना के युगप्रवर्तक शलाका पुरुष(कालजयी रचनाकार )

हिंदी साहित्य के इतिहास में जब हम रीतिकाल के दरबारी श्रृंगार से निकलकर आधुनिक युग की…

मलिक मुहम्मद जायसी — प्रेम की पीर के अमर गायक और 'पद्मावत' के महाकवि (कालजयी रचनाकार)

हिंदी साहित्य के भक्तिकाल में जहाँ एक ओर ज्ञान और सगुण भक्ति की धाराएँ बह रही थीं, व…

आचार्य रामचंद्र शुक्ल — हिंदी समालोचना के युगांतरकारी शिखर और मार्गदर्शक

हिंदी साहित्य के इतिहास में यदि कोई एक ऐसा नाम है जो अपनी तटस्थता, गंभीर चिंतन और अक…

महाकवि सुमित्रानंदन पंत — प्रकृति के सुकुमार कवि और सौंदर्य के अनन्य उपासक (कालजयी रचनाकार)

हिंदी साहित्य के छायावादी युग में यदि किसी कवि की लेखनी से प्रकृति का सौंदर्य सबसे क…

महाकवि सेनापति — प्रकृति के अनूठे चितेरे और ऋतु-वर्णन के अद्वितीय शिल्पी (कालजयी रचनाकार)

हिंदी साहित्य के रीतिकाल में जहाँ अधिकांश कवि राजाओं के दरबार में केवल श्रृंगार और न…

महाकवि निराला — आधुनिक हिंदी कविता के 'मुक्त-छंद' के प्रणेता और महाप्राण

हिंदी साहित्य के आधुनिक काल में यदि किसी एक कवि ने अपनी लेखनी से परंपराओं की बेड़ियो…

महाकवि भूषण — रीतिकाल के एकमात्र वीर-रस के कवि और छत्रपति शिवाजी के यश-गायक (कालजयी रचनाकार)

रीतिकाल का साहित्य अधिकांशतः राजाओं की विलासिता और नायिका-भेद के वर्णन में डूबा हुआ …

कवि रसखान: कृष्ण भक्ति और साम्प्रदायिक सौहार्द के अमर प्रतीक (कालजयी रचनाकार)

हिंदी साहित्य के भक्ति काल में जहाँ एक ओर अनेक हिंदू कवियों ने ईश्वर की आराधना की, व…

नरपति नाल्ह (कालजयी रचनाकार)— 'बीसलदेव रासो' के रचयिता और आदिकालीन प्रेम-काव्य के अनूठे चितेरे

हिंदी साहित्य का आदिकाल केवल युद्धों और राजाओं की प्रशंसा का काल नहीं था, बल्कि यह उ…

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